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कैंसर का पता कैसे लगाया जाता है? जानिठसà¤à¥€ जरूरी बातें जो आपको पता होनी चाहिà¤
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में कैंसर का निदान हो जाना ज़रूरी है और अकà¥à¤¸à¤° यह इलाज में बहà¥à¤¤ फायदेमंद साबित होता है। इसे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करनी चाहिठकि आपके लिठकिस पà¥à¤°à¤•ार की कैंसर सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग उपयà¥à¤•à¥à¤¤ हो सकती है।
समय रहते डायगà¥à¤¨à¥‹à¥› होने से कैंसर का सही तरीके से इलाज और बचाव संà¤à¤µ हो सकता है। ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में लोग बहà¥à¤¤ देरी से पहà¥à¤‚चते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं, इसलिठ40 साल की उमà¥à¤° से हमे अपने बाकी नियमित परीकà¥à¤·à¤£ के साथ-साथ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£ करवाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता पà¥à¤¤à¥€ है। आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेने के बाद जांच करवा सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें आपकी उमà¥à¤°, आपकी जीवन शैली, आपके परिवार का मेडिकल इतिहास के हिसाब से कैंसर की जांच करवाने की सलाह दी जाती है।
कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ हैं: छाती का à¤à¤•à¥à¤¸-रे, लंगà¥à¤¸ का सीटी सà¥à¤•ैन जिसमे लंगà¥à¤¸ के कैंसर को डायगà¥à¤¨à¥‹à¥› किया जा सकता है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में à¤à¤• बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ होता है जो पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ कैंसर का पता लगाने के लिठकिया जाता है। इसके अलावा, आपके पूरे पेट का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड होता है, जो महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ दोनों के लिठकरवाना अनिवारà¥à¤¯ है। इसके साथ ही महिलाओं में पाप सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤° नाम की जांच करवाना ज़रूरी है जिसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर के होने का पता चलता है और à¤à¤• मैमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ टेसà¥à¤Ÿ जिससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के कैंसर का पता लगाया जा सकता है। ये दोनों ही कैंसर, सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैंसर और बà¥à¤°à¥ˆà¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर, महिलाओं के अंदर बहà¥à¤¤ कॉमन हैं इसलिठयह जांच आप अपने गायनेकोलॉजिसà¥à¤Ÿ से सलाह लेकर करवा सकती हैं।
कैंसर से बचाव के लिठजागरूकता बहà¥à¤¤ ही ज़रूरी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकतर मरीज़ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 3 या सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 4 पर पहà¥à¤‚च जाते हैं। जितना जलà¥à¤¦à¥€ हम कैंसर को डायगà¥à¤¨à¥‹à¥› कर सकते हैं उतना ही जलà¥à¤¦à¥€ इसका इलाज संà¤à¤µ है और पूरी तरह से इसको ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा पेट संबंधित कैंसर या आंतों से समà¥à¤¬à¤‚धित कैंसर की जांच के लिठà¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपी नमक जांच की जाती है।
कैंसर जांच करवाने से पहले आप ज़रूर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° या à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से संपरà¥à¤• करें। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी जीवनशैली, अपनी मेडिकल हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के बारे में और अपने आप में किसी à¤à¥€ तरह के लकà¥à¤·à¤£ के बारे में उनसे चरà¥à¤šà¤¾ करें। इसके बाद ही आपको सही जांच के लिये सलाह दी जा सकती है।
आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° कैंसर के निदान के लिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित में से à¤à¤• या अधिक तरीकों का उपयोग कर सकता है:
1. शारीरिक परीकà¥à¤·à¤¾
आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शरीर के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में गांठमहसूस करने की कोशिश करेंगे जो कैंसर का संकेत सकते हैं। शारीरिक परीकà¥à¤·à¤¾ के दौरान, आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शरीर में असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं की तलाश कर सकते हैं, जैसे कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग में परिवरà¥à¤¤à¤¨ या किसी अंग का बढ़ना, जो कैंसर की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का संकेत दे सकता है।
2. पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परीकà¥à¤·à¤£
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परीकà¥à¤·à¤£, जैसे मूतà¥à¤° और रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£, आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को उन असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं की पहचान करने में मदद कर सकते हैं जो कैंसर के कारण हो सकते हैं।
3. इमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£
इमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£ आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को आपकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और आंतरिक अंगों की गैर-आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• तरीके से जांच करने में मदद करते हैं। कैंसर के निदान में उपयोग किठजाने वाले इमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कंपà¥à¤¯à¥‚टराइजà¥à¤¡ टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (सी टी) सà¥à¤•ैन, बोन सà¥à¤•ैन, मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• रेजोनेंस इमेजिंग (à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ), पॉज़िटà¥à¤°à¤¾à¤¨ à¤à¤®à¤¿à¤¶à¤¨ टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (पीईटी) सà¥à¤•ैन, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और à¤à¤•à¥à¤¸-रे शामिल हो सकते हैं।
4. बायोपà¥à¤¸à¥€
बायोपà¥à¤¸à¥€ के दौरान, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में परीकà¥à¤·à¤£ के लिठआपके सेलà¥à¤¸ का सैंपल à¤à¤•तà¥à¤° करता है। सैंपल à¤à¤•तà¥à¤° करने के कई तरीके हैं। आपके लिठकौन सी बायोपà¥à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सही है यह आपके कैंसर के पà¥à¤°à¤•ार और उसके सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर निरà¥à¤à¤° करता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में, निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कैंसर का निदान करने का à¤à¤•मातà¥à¤° तरीका बायोपà¥à¤¸à¥€ है।
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में डॉकà¥à¤Ÿà¤° माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप के तहत सेलà¥à¤¸ के सैंपल को देखते हैं। समान आकार और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ संगठन के साथ सामानà¥à¤¯ सेलà¥à¤¸ à¤à¤• समान देखते हैं। अलग-अलग आकार और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ संगठन के बिना कैंसर सेलà¥à¤¸ कम वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ देखते हैं। सीटी सà¥à¤•ैन जिसमे लंगà¥à¤¸ के कैंसर को डायगà¥à¤¨à¥‹à¤œ किया जा सकता है।
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